* राधिकाकृष्ण : जीवन शक्ति विचार धारा.
* संपादन.
वृन्दावन बरसाने.डेस्क :नई दिल्ली. डॉ. सुनीता शक्ति राधिका * प्रिया.
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सुबह - सवेरे और शाम : आज : पृष्ठ : ० राधिका कृष्ण : जीवन शक्ति चित्र विचार धारा : आज : पृष्ठ : ० / १ -----------
* राधिका कृष्ण : प्रेम रंग. * अद्वैत प्रेम. फिर भी खोने का भय बना रहे उसे ही प्रेम कहते है.
* राधाकृष्ण : पीड़ा.

अनजान सी रुक्मिणी,बेचैन सी मीरा बस राधा ही जाने है, श्याम की पीड़ा.
*
प्रथम मीडिया प्रस्तुति. खुसरो के दोहे
पी गोरी मैं साँवरी * नदी किनारे मैं खड़ी सो पानी झिलमिल होय पी गोरी मैं साँवरी अब किस विध मिलना होय. *
ख़ुसरो
अद्वैत प्रेम : श्याम रंग देखी जो तेरी सूरत मन में उठी उमंग दूसरा न भाए कोई चाहिए श्याम रंग श्याम मोहे रंग दे अपने रंग
--------- राधिका कृष्ण : जीवन शक्ति विचार धारा : दृश्यम : आज : पृष्ठ : ० / ----------
ए. एंड. एम. मीडिया. शक्ति * प्रस्तुति : साभार.
हो प्रेम की परिभाषा तुम ही है कृष्ण अधूरे राधा बिन राधा बिन सूना सब कुछ ही. *
* राधिका कृष्ण की लठ्ठ मार होली : दृश्यम
साभार : वृन्दावन की होली : राधिका कृष्ण : दृश्यम. *
*
कृष्ण : कृष्ण को रंगने आयी हो ? राधा : नहीं कृष्ण से रंगने आयी हूँ.
* साभार : वृन्दावन की होली : राधिका कृष्ण : दृश्यम.
साभार : बृज की होली : राधिका कृष्ण : दृश्यम. * ⭐
विषय सूची ⭐
एम. एस. मीडिया.महाशक्ति. प्रस्तुति. रुक्मिणी मीरा राधिका कृष्ण : विचार धारा नमामि यमुने.
राधिका कृष्ण जीवन शक्ति विचार : आवरण कथा : पृष्ठ : ० सुबह और शाम : पोस्ट : पृष्ठ : ० कृष्ण दर्शन. संभवामि युगे युगे.प्रारब्ध : विषय सूची : पृष्ठ : ०. राधिका कृष्ण : जीवन शक्ति चित्र विचार धारा : आज : पृष्ठ : ० / १ . राधिका कृष्ण : जीवन शक्ति विचार धारा : दृश्यम : आज : पृष्ठ : ० / १. राधिकाकृष्ण : महाशक्ति : शब्द विचार : आज : पृष्ठ : ० / १. महाशक्ति : रुक्मिणीकृष्ण : जीवन शक्ति : चित्र विचार धारा : आज : पृष्ठ : ० / २. रुक्मिणीकृष्ण : जीवन शक्ति विचार धारा : दृश्यम : आज : पृष्ठ : ० / १. रुक्मिणीकृष्ण : महाशक्ति : शब्द विचार : आज : पृष्ठ : ० / १. महाशक्ति मीराकृष्ण : जीवन शक्ति चित्र विचार धारा डेस्क : मुक्तेश्वर : नैनीताल. पृष्ठ : आज : ० / ३ . मीराकृष्ण : जीवन शक्ति विचार धारा : दृश्यम : डेस्क : मुक्तेश्वर : नैनीताल. पृष्ठ : आज : ० / ३ . मीराकृष्ण : जीवन शक्ति शब्द विचार धारा डेस्क : मुक्तेश्वर : नैनीताल. पृष्ठ : आज : ० / ३ . सम्पादकीय* : पृष्ठ : १ . राधिका कृष्ण : जीवन शक्ति चित्र विचार धारा : कल : पृष्ठ : २. राधिका कृष्ण : जीवन शक्ति विचार धारा : दृश्यम : कल : पृष्ठ : २. राधिकाकृष्ण : महाशक्ति : शब्द विचार : कल : पृष्ठ : २. कृष्णराधिका : रुक्मिणी : मीरा महाशक्ति डेस्क कल : फोटो दीर्घा : पृष्ठ : ३ कृष्ण शक्ति : राधिका रुक्मिणी : मीरा : विचार मंजूषा पृष्ठ : ४ आपने कहा : पृष्ठ : ५ .
* ------------ राधिकाकृष्ण दर्शन. संभवामि युगे युगे : प्रारब्ध पृष्ठ : ०. राधिकाकृष्ण सदा सहायते. ------------ |
------------- राधिकाकृष्ण : जीवन शक्ति विचार धारा : आज : पृष्ठ : ० -------------- नमामि यमुने. *
 * राधिकाकृष्ण : जीवन शक्ति विचार धारा : नमामि यमुने. संपादन.
 | संपादन. राधिकाकृष्ण. डॉ. सुनीता शक्ति * प्रिया. वृन्दावन बरसाने. डेस्क.नई दिल्ली. * अध्यात्मिक सम्पादन. शक्ति.अनुराधा. मीना इस्कॉन डेस्क.राधा कृष्ण मंदिर मुक्तेश्वर.नैनीताल.
* | ---------------- राधिकाकृष्ण : महाशक्ति : इस्कॉन डेस्क : नैनीताल. आज : पृष्ठ : ० / १. ---------------- हरि अनंत हरि कथा अनंता. तुम्हारे लिए प्रादुर्भाव वर्ष : १९७६. संस्थापना वर्ष : १९७८. महीना : जुलाई : दिवस : ४. संपादन.
 अनु ' राधा ' नैनीताल. ------------ राधिकाकृष्ण : महाशक्ति : शब्द चित्र : विचार : पृष्ठ : ० / १. ------------ तुम्हारे लिए. संपादन / अनुराधा. नैनीताल. राधिका कृष्ण जीवन दर्शन : अद्वैत प्रेम. * राम को समझो : कृष्ण को जानो. राधिका कृष्ण जीवन दर्शन. * राधाकृष्ण : पीड़ा

अनजान सी रुक्मिणी,बेचैन सी मीरा बस राधा ही जाने है, श्याम की पीड़ा.
*

ईश्वर तो दिखाई नहीं देते...विश्वास कैसे करूँ * कृष्ण : महाभारत : धर्म : साथ *
ये बात हमेशा याद रखना कि अगर तुम्हारे हिस्से में धर्म - युद्ध है तो तुम्हारे हिस्से में कृष्ण भी आयेंगे.
---------- राधिका कृष्ण : जीवन शक्ति विचार धारा : दृश्यम : आज : पृष्ठ : ० / १. ----------

राधे राधे : दृश्यम
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राधिका कृष्ण : : दृश्यम : उदास हो : मिला नहीं
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साभार : शॉर्ट रील : दिव्य होरी.
राधिकाकृष्ण.' शिवशक्ति. श्री लक्ष्मीनारायण की दिव्य होली
* ------------ राधिकाकृष्ण : महाशक्ति : शब्द विचार : आज : पृष्ठ : ० / १. ----------- संपादन.
शक्ति. राधिका. नई दिल्ली. * श्री राधिका कृष्ण सदा सहायते * भाविकाएँ : भक्ति * जीवन भर साथ चलने की बात की है सम्यक वाणी ,आस्था, प्रेम ,सहिष्णुता की आस नहीं छोड़ते थामा है अगर हाथ तो कभी साथ नहीं छोड़ते श्री हरि : राम : कृष्ण ही शिव है शक्ति मय हैं हम मत भूलिए संकट की वेला में ही होते श्री राधिकाकृष्ण सदा सहायते
@ डॉ सुनीता मधुप शक्ति प्रिया * मेरे जीवन दर्शन की शक्ति : एकता में शक्ति : त्रिशक्ति मेरी भक्ति : श्री हरि : राम : कृष्ण : राधा रुक्मिणी ( लक्ष्मी ) और मीरा की शक्ति *
@ डॉ सुनीता मधुप शक्ति प्रिया
* जीवन प्रश्न जीवन बहुत जटिल है। उत्तर खोजने की कोशिश न करें क्योंकि जब आप उत्तर पाते हैं तो जीवन प्रश्न बदल देता है !
* समय का ग्रहण. गलत आरोपों को लेकर कभी परेशान और चिंतित मत होइए याद रखिए समय का ग्रहण तो चाँद और सूरज भी झेलते हैं. * ' विपत्ति ' व्यक्ति को समझदार बनाने में ' संपत्ति ' के बजाय, ' विपत्ति ' का योगदान कहीं अधिक होता है।
* इंसानियत.
सिर्फ इंसान होना काफी नहीं , इंसान के अंदर इंसानियत का होना जरूरी है, सही दिशा में किया गया अच्छा कर्म , मनुष्य का वर्तमान और भविष्य दोनों बदल देता है. *
* अनर्गल बोलने से बेहतर है मौन
यदि हमारी जीभा पर सरस्वती न बिराजे तो हज़ार उत्तरों से मौन ही अच्छा होता है जो..ना जाने कितने प्रश्नों का मान रख लेता है. * -------- रुक्मिणीकृष्ण : दर्शन : शब्द चित्र : विचार : इस्कॉन डेस्क : नैनीताल. पृष्ठ : ० / २ . ------------- रुक्मिणी डेस्क. संपादन.
शक्ति. डॉ. सुनीता शक्ति प्रिया .
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कृष्ण शक्ति : रुक्मिणी : मीरा : राधा. * मेरे तो गिरधर ' गोपाल ' दुसरो न कोई
हम साथ साथ हैं : दिव्य सामंजस्य : मैत्री ⭐ ------------ रुक्मिणीकृष्ण : महाशक्ति : शब्द विचार : आज : पृष्ठ : ० / २. ----------- संपादन. दार्जलिंग डेस्क. डॉ.सुनीता शक्ति प्रिया.
* जय पराजय और तुम्हारी वाणी
ह्रदय से अच्छे होने से पहले बेहतर है आप वाणी से अच्छे हो क्यों कि लोगों का वास्ता पहले आप की जुबान से पड़ता है दिल तक तो कुछ खास लोग ही पहुंच पाते हैं जिसे बोलना आ गया समझो उसे जीना आ गया ....तुम्हारी वाणी ही इस संसार में तुम्हारी जय पराजय निश्चित करेगी ....देख लेना @ डॉ सुनीता सीमा शक्ति प्रिया
कृष्ण : जीवन : दर्शन.
⭐ ---------------- मीराकृष्ण : महाशक्ति डेस्क : मुक्तेश्वर : नैनीताल. पृष्ठ : ० / ३ . --------------- मीरा डेस्क. प्रादुर्भाव वर्ष : १९८६. संस्थापना वर्ष : २०२४. महीना : अक्टूबर : दिवस : ६ . संपादन.
शक्ति. मीना सिंह मुक्तेश्वर. नैनीताल. ⭐
रोम रोम में श्याम बसत है प्रेम न ढूँढू कही और प्रीत भई जब कृष्णा से तो कैसा जग का मोह ⭐
समाज सेवी डॉ. पवन कुमार नेत्र चिकित्सक एवं फेको सर्जन.मुजफ्फरपुर.समर्थित --------- सम्पादकीय : पृष्ठ : १. ---------  |
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