नालंदा : आज तक

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नालंदा : आज तक.समाचार.  
दैनिक.पत्रिका. 
विषय सूची.

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दैनिक.अनुभाग 
 पत्रिका.अनुभाग. 

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नालंदा :  आज तक : दैनिक अनुभाग :
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वायरलेस प्राइवेट लिमिटेड : मार्केट रिसर्च : मुंबई : समर्थित  
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जिला विधिक सेवा प्राधिकार.


बचपन है अनमोल. विधिक जागरूकता समाचार 
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हमसब ने ठाना है : बाल विवाह मिटाना है.


  
बाल विवाह और बालश्रम से मुक्त बच्चों के लिए सर्वाइवल कार्यक्रम का आयोजन : आइडिया संस्थान.
 
संवाद सूत्र : बिहार शरीफ / नालन्दा : रविवार को  संयुक्त श्रम विभाग बिहार शरीफ नालन्दा में समाज में बाल अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से जस्ट राइट फ़ॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी आइडिया स्वयंसेवी संस्था द्वारा बाल विवाह से बचाई गई बच्चियों एवं बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के लिए एक विशेष सर्वाइवल एवं पुनर्वास कार्यक्रम  का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना, उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में विभागों के विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग सत्र, जीवन कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा के महत्व पर जागरूकता, जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं ।
आइडिया के प्रतिनिधियों ने बताया कि बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियाँ बच्चों के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। ऐसे में बचाए गए बच्चों को केवल मुक्त कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका पुनर्वास और समुचित विकास सुनिश्चित करना भी अत्यंत आवश्यक है।
बाल विवाह और बाल श्रम जैसी  कुरीतियों  से बचने और बचाने की सलाह  के लिए  कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय और अभिभावकों को भी इस अवसर पर जागरूक किया गया कि वे बच्चों के अधिकारों का सम्मान करें और उन्हें शिक्षा से वंचित न करें। इस कार्यक्रम में श्रम अधीक्षक नालन्दा अश्वनी कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार,नालन्दा, बिहार शरीफ़ की अधिवक्ता सीमा कुमारी, बाल कल्याण समिति नालन्दा पुष्पा पाण्डेय, आइडिया के निर्देशक रागिनी कुमारी ने अपने विचार की साझेदारी करते हुए उपस्थित सभी अभिभावकों को बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरीतियों से बचने और बचाने के लिए  जागरूक किया। 
ज्ञात हो इस कार्यक्रम में काफी संख्या में महिला व पुरूष एवं किशोर व किशोरियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। 
अंत में आइडिया संस्था के कार्यकर्ताओं के द्वारा बाल विवाह और बाल श्रम से जुड़ी  शपथ भी दिलाई गई संकल्प दिया गया वेलोग बाल विवाह और बाल श्रम का विरोध करते रहेंगे। साथ ही वे  भविष्य में  इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों की सहयोग करते रहेंगे और समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य भी जारी रखेंगे। 
इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रखंडों के श्रम पदाधिकारी बाल कल्याण समिति सदस्यों आइडिया के जिला समन्वयक उज्ज्वल कुमार,मंटू कुमार,अश्विनी, विवेक, गंगोत्री, तथा सुशीला देवी आदि अन्य लोग उपस्थित  थे।
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हमसब ने ठाना है :  बाल विवाह मिटाना है.

शपथ लेते उपस्थित जन : समाचार : लघु दृश्यम 

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फोर स्क्वायर होटल : रांची : मार्स मिडिया ऐड : नई दिल्ली. समर्थित :
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नालंदा :  आज तक : पत्रिका : अनुभाग : 
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दिवंगत पिता. श्रद्धांजलि साल : २०२६  
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पितरों के सदगुणों को अपने भीतर समाहित करना, 
अपने कर्मों में उतारना  ही सही श्रद्धांजलि हैं। 
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दुख भंजन प्रसाद.


डॉ.मधुप रमण 
व्यंग्य चित्रकार.ब्लॉगर.लेखक

बिहारशरीफ / डॉ. मधुप रमण. साल २०२६ आ गया। उनकी फोटो मेरी आँखों के सामने टंगी है। उनके गुजरे हुए भी ७ साल भी हो गए  । ऐसा लगता है  कि किसी विशेष दिन अपने पिता को नहीं हर दिन  याद कर लेना चाहिए। उनके द्वारा बताए गए सन्मार्ग का आवलंबन करने के लिए। कहीं न कहीं कोई अच्छी बातें परम पिता में होती ही है जिसे हमें स्मृत रखना है। 
बड़ी हैरत होती है एक बार मन से परम पिता को याद कर लेने  मात्र से ही आम जीवन में आती हुई  कठिनाईयां दूर होती रहीं हैं । मानों या न मानों मगर यह सच है। 
श्रद्धांजलि  मोहल्ला धनेश्वर घाट निवासी अधिवक्ता रवि रमन एवं  व्यंग्य चित्रकार,यूट्यूबर, ब्लॉगर लेखक डॉ. मधुप रमण ने आज संयुक्त रूप से अपने निवास स्थान में दिनांक ५ मई २०२६  को अपने दिवंगत पिता, दुख भंजन प्रसाद को श्रद्धांजलि सभा में याद किया। ५ मई २०१९ का वो वर्ष था जब उन्होंने इस क्षणभंगुर संसार को अलविदा कह दिया था। 
मोहल्ले के उल्लेखनीय विकास कार्यों में कभी तत्पर रहने वाले  श्री दुख भंजन प्रसाद की स्मृति में अधिवक्ता रवि रमन ने अपने निवास में सांकेतिक प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि सभा रखी जिसमें अपने परिवार जनों के अलावा अपने परायें,जाने अनजाने ,जान पहचान के वाले  व्यक्ति शामिल हुए।  जिनके लिए समस्त परिवार आभार रखता है । श्रद्धांजलि सभा में अपने भीतर के तिमिर हटाने मात्र के लिए  मोमबत्तियां जलाई गयी और उन्हें अनायास ही याद किया किया 
सीधे साधे सरल ,साधु स्वभाव वाले श्री दुख भंजन प्रसाद गाँधी वादी प्रवृति के रहें। धनेश्वर घाट मोहल्लें के रहने वाले निवासी उनकी सदाशयता, सहयोगात्मक रवैये को अभी भी नहीं भूला पाए है यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि हैं। 
सच कहें तो पितरों के सदगुणों को अपने भीतर समाहित करना, अपने कर्मों में उतारना  ही सही श्रद्धांजलि हैं। शिव हो ,सत्य हो यही मैंने अपने पिता से सीखा है।

Comments

  1. It is a nice piece of news

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  2. It will create legal awareness amongst us
    Adv.Seema Kumari

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