Kabhi Kabhi Mere Dil Main Khayal Aata Hai : Dainik.
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कृण्वन्तो विश्वमार्यम.
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Kabhi Kabhi Mere Dil Main Khayal Aata Hai :
2026. Volume : 6. Series : 1.
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Kabhi Kabhi Mere Dil Main Khayal Aata Hai :
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* कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है : दैनिक. आवरण पृष्ठ : महाशक्ति : कोलाज. * Kabhi Kabhi Mere Dil Main Khayal Aata Hai : Patrika Link.
* फोर स्क्वायर होटल : रांची :समर्थित :आवरण पृष्ठ. पत्रिका / दैनिक अनुभाग मार्स मिडिया ऐड:नई दिल्ली * ![]() कभी कभी मेरे दिल में ख़्याल आता है आवरण पृष्ठ : महाशक्ति मीडिया.फरवरी अंक. * ------- हार्दिक आभार प्रदर्शन : पृष्ठ : ० ---------- * संयोजिका मीडिया हाउस. हम मीडिया परिवार की तरफ़ से आपके लिए धन्यवाद ज्ञापन संयोजन.
शिमला.डेस्क.
नैनीताल डेस्क.
इन्द्रप्रस्थ डेस्क. पाटलिपुत्र डेस्क. पद्मावत डेस्क. * * शक्ति.शालिनी.स्मिता.वनिता. शवनम . ⭐ * * आर्य डॉ. दीनानाथ वर्मा फिजिसियन.हृदय तथा शूगर रोग विशेषज्ञ निदेशक. दृष्टि क्लिनिक किसान बाग बिहार शरीफ़. समर्थित * शक्ति.तनु.आर्य.रजत निदेशक : स्वर्णिका ज्वेलर्स : सोहसराय : बिहार शरीफ समर्थित. * * मन के नैन हजार. * * कैसी लागी लगन * सत्यम शिवम् सुंदरम वही है जो निःशब्द , निःस्वार्थ होकर ह्रदय को छू जाए * सुख की कलियाँ, दुःख के काँटे, मन सब का आधार, मन से कोई बात छूपे ना, मन के नैन हजार, * --------- आकाश दीप : पद्य संग्रह : सम्पादकीय : प्रस्तुति : पृष्ठ : ३. --------- शक्ति. अनुभाग शक्ति.शालिनी * * सातवी लघु कविता तेरे रंग में कविता सन्दर्भ : फोटो : शक्ति रेनू * गाल पर रंग लगाया था तुमने धानी रंग और गुलाल तब से रंग गयी है मन से मेरे सपने मेरे अपने मेरी काया मेरी छाया देखो न * भाविकाएँ तुम्हारे लिए * शाश्वत प्रेम विशेष : १४ फरवरी * प्रेम ही अर्पण, प्रेम ही दर्पण, संदर्भित : छाया : शक्ति शालिनी * प्रेम ही मैत्री,प्रेम ही आदत, प्रेम जीव की मुख्य ज़रूरत। प्रेम स्वप्न है,प्रेम प्रकाश, प्रेम ही प्यास,प्रेम ही आस। प्रेम ही अर्पण, प्रेम ही दर्पण, प्रेम स्वयं का पूर्ण विसर्जन। प्रेम ही वंदन, प्रेम ही चंदन, प्रेम काट दे सब भव-बंधन। वहीं 'प्रेम' का जन्म हुआ, जहाँ 'मोह' का हुआ अंत, अहंकार की आहुति देकर, संदर्भित : छाया : शक्ति. डॉ. अनु * पावन प्रेम,हुआ अनन्त। प्रेम प्रतीक्षा, प्रेम मलाल, प्रेम अनुत्तरित एक सवाल। प्रेम ही दूरी,प्रेम विवशता, प्रेम ही मौन की एक सरसता। मिलन देह का कौतुक मात्र, 'प्रेम' रूह की गरिमा है, तपकर कुंदन होना ही तो, प्रेम की असली महिमा है। प्रेम ही आदि, प्रेम ही अंत, प्रेम शीत में खिला वसंत। प्रेम पराजय, प्रेम ही जीत, प्रेम सृष्टि का शाश्वत संगीत। * संपादन : शक्ति.डॉ.रजनी अनु रेनू सज्जा : शक्ति.मंजिता स्वाति अनुभूति सीमा * * शक्ति अनुभाग रेनू शब्द मुखर * भाविकाएँ रेनू शब्दमुखर * ख़ामोश प्रेम-पत्र * * भाविकाएँ : सन्दर्भ : छाया : शक्ति रेनू * मैं तुम्हें लिखती नहीं- मैं तुम्हें महसूस करती हूँ। तुम्हारा नाम मेरे भीतर ऐसे उग आता है जैसे सूखी ज़मीन पर पहली बारिश। कभी-कभी शब्द नहीं आते,तो मैं तुम्हारी स्मृति को अपने दिल के हाशिये पर धीरे से रख देती हूँ- जैसे किसी किताब के बीच सूखा हुआ फूल रख दे। तुम्हारे बारे में लिखना नहीं चाहती, क्योंकि लिखते ही तुम सीमित हो जाओगे, और मैं चाहती हूँ- तुम मेरे भीतर असीम रहो। अगर कभी तुम सामने बैठोगे, तो मैं कविता नहीं पढ़ूँगी, मैं चुपचाप तुम्हारे हाथ पर अपनी हथेली रख दूँगी- और तुम समझ जाओगे कि प्रेम कभी-कभी लफ़्ज़ों से बड़ा होता है। रेनू शब्दमुखर * संपादन : शक्ति.डॉ.रजनी अनु रेनू सज्जा : शक्ति.मंजिता स्वाति अनुभूति सीमा * * प्रेम : प्रकृति : पहाड़ : पुनर्जन्म * शक्ति.अनुभाग शक्ति.डॉ.रजनी * भाविकाएँ * * भाविकाएँ * मेरी तमन्नाओं की तक़दीर तुम संवार दो * सन्दर्भ : फोटो : डॉ. अनु * तुम करना फूलों से श्रृंगार मेरा, बसंती,बसंती मै बहती रहूंगी कभी बनके महकूंगी बेला_चमेली, कभी रातरानी सी खिलती मिलूंगी बसंती, बसंती मै बहती रहूंगी. घटाओं को जुल्फों में तुम बांध देना झरनों की पाजेब पहनाना मुझको, भर देना तारों से मांग मेरी भुला के ज़माना है पाना तुझको. मन के मंदिर का भगवान बनजा दुआ की दिया बन जलती रहूंगी. बसंती, बसंती मै बहती रहूंगी. पड़े पांव जंजीर बैरी जहां के सुकून का सूरज न आता नज़र है है बंजारों जैसी ये तबीयत हमारी जहां तो हमारा नहीं कोई घर है. बसा आशियाना तो तू साथ मेरे सारे सितम हस के सहती रहूंगी बसंती, बसंती मै बहती रहूंगी. है कैसी खालिस ये गुम है सभी ये दौलत,ये शोहरत है बेमानी सारे बहारों की शोखी, हवाओं की खुशबू खो रहें हैं शमां के सारे शरारे. तू बनके भ्रमर आजा मेरे गुलसिता में मैं नाज़ुक काली बन मिलती रहूंगी. बसंती, बसंती मै बहती रहूंगी. * * ख्वाहिश न रही किसी चांद की हमको. * भाविकाएँ : सन्दर्भ : फोटो : वाणी. * ख्वाहिश न रही किसी चांद की हमको, नूर ए रौशनी का खुद महताब हो तुम। क्यों देता फिरूं मैं सफ़ाई जग को, मेरे हर सवाल का प्यारा जवाब हो तुम। न जोड़,घटाओ,गुणा,भाग आता मुझे, उमर भर की कमाई का हिसाब हो तुम। करूं जितनी भी कम है तारीफ तेरी, खुदा की कसम बहुत ही लाजवाब हो तुम। बांधेगा भला कौन,किसी बंधन में तुझको, सागर सी गहरी,चंचल हवा बेहिसाब हो तुम। धवल चांदनी भी है स्याहों से लिपटी, हर बुराई से परे बिलकुल बेदाग हो तुम। तमन्ना नहीं कि अब किसी डाल जाऊं, मेरे जीवन में खिलता ताज़ा गुलाब हो तुम। * संपादन : शक्ति.डॉ.अनु राखी वाणी रेनू सज्जा : शक्ति.मंजिता स्वाति अनुभूति सीमा * * * शक्ति अनुभाग नीलम पांडेय * * शक्ति नीलम * भाविकाएँ * वेलेंटाइन डे. * * नया दौर वेलेंटाइन डे का मतलब, बोले तो,प्यार लुटाने का दिन, कागज के पन्नों से, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम तक। लाल गुलाब से सजे, फूलों के महक भरे गुलदस्ते तक। बिखरा हुआ है प्यार। हफ़्ते भर पहले से ही, चल पड़ा है ये कारोबार। पांच सितारा होटल बुक हैं, अर्द्धनग्न युवतियों से भरे सागर तट हैं। देह की पूजा चल रही, वासना के रूप में प्रेम की हलचल मची। जेब में जिसके जितना ज़ोर है, प्रेम उसका उतना ही प्योर है। नज़र जिधर भी जाती है, हर तरफ़ इसी प्रेम का शोर है। राधा कृष्ण से सजे डी पी,स्टेटस, पर हक़ीक़त में नाच रहा मन मोर है। फ़रवरी में होती डेटिंग, दिसंबर तक साथ होता कोई और है। प्यार का ये अंदाज़ नया, नए जेनरेशन का नया दौर है। * संपादन : शक्ति. राखी वाणी रीता प्रीति सज्जा : शक्ति.मंजिता स्वाति सीमा अनुभूति * ग़ज़ल निगाहें ढूंढ़ती तुमको ही खाबों में ख्यालों में गज़ल : सन्दर्भ : छाया : शक्ति जुदा हो कर यहा से तू कहा अब जी लगाते हो सितमगर ने सितम ढाये नजर पर तू न आते हो। जो रुखसत की घड़ी ही थी बताकर तू गये ना क्यूं बताओ ना नज़र खोजे नजर क्यू अब न आते हो। लगे है फिर बुलाओगे अभी भी लौट आवोगे बुझाते थे जलाते थे दिये अब ना बुझाते हो। निगाहें ढूंढ़ती तुमको ही खाबों में ख्यालों में मगर अफसोस आंखों मे न अब सूरज बसाते हो। बहारे अब न आती है गली के इस मुहाने पर मुक्कमल है खिजा तब से यहाँ जब से ना आते हो लकीरों में नहीं थे तुम मेरे हाथों के बस केवल तभी तो धड़कनों में तुम समाये से ही भाते हो नफस में जब भी कोई खाब हमें चमकता है तसव्वुर में मैं खोता और तुम दिल ही जलाते हो डॉ. आर. के दुबे -------- दार्जलिंग डेस्क. कविता संपादन : शक्ति प्रिया डॉ.अनु रेनू. सज्जा : शक्ति. रितु सीमा शिवानी ( इंदौर ). ------------ * --------- तारे जमीन पर : गद्य संग्रह : शक्ति : सम्पादकीय : प्रस्तुति. पृष्ठ :४. -------- संपादन शक्ति * वाराणसी डेस्क.
शक्ति नीलम अनुभूति शालिनी प्रीति.. * * शक्ति आलेख : ४ / ४. फरवरी : प्रेम, ख़ुशी व मानवीय संवेदनाओं का महीना देखा एक ख़्वाब तो सिलसिले हुए. शक्ति रेनू 'शब्दमुखर ' प्रधान सम्पादिका सह : शक्ति शालिनी मधुप अनुभूति * फरवरी का महीना आते ही मन के आकाश में एक कोमल उजास फैल जाती है। जैसे जीवन की धूप कुछ अधिक ही सौम्य हो जाती हो, जैसे हृदय के बंद द्वार खुलकर भावनाओं की सुगंध को बाहर आने देते हो। यह केवल मौसम का परिवर्तन नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर जागते प्रेम और खुशी का उत्सव है। युवाओं के लिए तो फरवरी भावनाओं के स्वीकार और अभिव्यक्ति का प्रतीक बन गया है, जहाँ प्रेम, मित्रता और अपनापन नई भाषा और नए माध्यमों में बोलने लगता है। मेरी पंक्तियाँ हैं. फरवरी की धूप में खिलता है मन का हर गुलाब, शब्दों में ढल जाते हैं दिल के अनकहे ख्वाब।' उपनिषदों में आत्मीयता और समरसता को सर्वोच्च मूल्य : प्रेम कोई आधुनिक अवधारणा नहीं है, न ही यह केवल आधुनिक संस्कृति की देन है। प्रेम तो मानव सभ्यता के साथ जन्मा एक शाश्वत भाव है। भारतीय परंपरा में प्रेम को जीवन का मूल तत्व माना गया है। वेदों में मैत्री और करुणा की चर्चा है, उपनिषदों में आत्मीयता और समरसता को सर्वोच्च मूल्य बताया गया है। कालिदास के काव्य में विरह और मिलन की मार्मिक अनुभूतियाँ हैं, जयदेव के ' गीतगोविंद ' में राधा-कृष्ण का प्रेम आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरता है। राम और सीता, शिव और पार्वती, कृष्ण और सुदामा-इन सभी कथाओं में प्रेम केवल भावना नहीं, बल्कि त्याग, मर्यादा और कर्तव्य का आदर्श बनकर सामने आता है। प्रेम आप की गरिमामयी शक्ति बनें : भारतीय दर्शन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को जीवन के चार पुरुषार्थ कहा गया है, जहाँ ' काम ' अर्थात प्रेम और आसक्ति को भी स्वीकार किया गया, किंतु उसे संयम और मर्यादा से जोड़ा गया। इससे स्पष्ट होता है कि प्रेम को क्षणिक आकर्षण नहीं, बल्कि जीवन की गरिमामयी शक्ति माना गया। आज के समय में प्रेम अक्सर गुलाब, चॉकलेट और सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित कर दिया जाता है, लेकिन प्रेम का वास्तविक स्वरूप कहीं अधिक व्यापक और गहरा है। माँ का वात्सल्य, पिता का संरक्षण, गुरु का मार्गदर्शन, मित्र की निस्वार्थता-ये सभी प्रेम के ही विविध रूप हैं। प्रेम वह दीप है जो अंधकार में राह दिखाता है, वह शक्ति है जो मनुष्य को संवेदनशील और मानवीय बनाती है। मेरी एक और पंक्ति है : ' प्रेम वह दीप है जो अंधेरे में राह दिखाता है, मानवता के हृदय में करुणा का गीत जगाता है.
आज की युवा पीढ़ी प्रेम को रील्स, वीडियो और डिजिटल माध्यमों के जरिए व्यक्त करती है। यह अभिव्यक्ति सुंदर है, क्योंकि हर युग ने प्रेम को व्यक्त करने की अपनी भाषा गढ़ी है। किंतु आवश्यक है कि यह प्रेम सम्मान, सहमति और जिम्मेदारी से जुड़ा हो। प्रेम केवल पाने की आकांक्षा नहीं,बल्कि देने की संवेदना है; यह किसी को बदलने का प्रयास नहीं, बल्कि उसे उसके स्वरूप में स्वीकार करने की कला है। संवाद, विश्वास और धैर्य प्रेम के मूल स्तंभ हैं। प्रेम हमें अन्य के सम्मान स्वीकृति : और करुणा की भी सीख : प्रेम हमें स्वयं से प्रेम करना भी सिखाता है। आत्मसम्मान, आत्मस्वीकृति और आत्मकरुणा भी प्रेम के ही विस्तार हैं। जब व्यक्ति स्वयं को स्वीकार करता है, तभी वह दूसरों को स्वीकार कर सकता है। प्रेम समाज में सहिष्णुता, समानता और भाईचारे की भावना को जन्म देता है और भेदभाव, हिंसा तथा घृणा से ऊपर उठकर मानवता के पक्ष में खड़ा होने की प्रेरणा देता है। फरवरी का महीना हमें यह स्मरण कराता है कि प्रेम केवल एक सप्ताह या एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवनभर निभाई जाने वाली संवेदना है। यदि प्रेम को सम्मान, करुणां और मर्यादा के साथ जिया जाए, तो यह संसार अधिक सुंदर, शांत और मानवीय बन सकता है। अंततः प्रेम ही जीबन की सबसे सुंदर कबिता है और मनुष्य उसका सबसे संवेदनशील पाठ। * स्तंभ संपादन : शक्ति : डॉ.अनु शालिनी सीमा प्रीति सज्जा : शक्ति रितु मंजिता स्वाति अनुभूति शक्ति आलेख : ४ / २ शक्ति. प्रिया डॉ.सुनीता मधुप राखी * ख़ुशी की वो रात आई कोई गीत बजने दो. * राधा कृष्ण : विवाह उत्सव की घड़ी : फुलेरा दूज मैं तेरी हूँ कह दे सब से : दृश्यम : राधिका : कृष्ण * फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि : * मैं तेरी हूँ कह दे सब से : दृश्यम : राधिका : कृष्ण : फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। ब्रज आज रंगीन हो गया है। आज राधा कृष्ण के विवाह की तिथि है। माना जाता है कि वृंदावन में श्रीकृष्ण और राधा जी का विवाह ब्रह्मा जी ने कराया था। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार श्रीकृष्ण और राधा जी के विवाह में समस्त देवी-देवता उपस्थित हुए थे। तब राधा जी का विवाह एक बार फिर से कृष्ण जी के साथ हुआ। हर युग में राधा रानी हमेशा ही कृष्ण के साथ विवाह करती रही हैं। ब्रज में इस अवसर पर मंदिरों को फूलों से सजाया जाता है और राधा-कृष्ण के दिव्य मिलन का उत्सव मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि फुलेरा दूज को शादी के लिए इतना खास और शुभ क्यों माना जाता है। फुलेरा दूज ब्रज धाम में राधा-कृष्ण विवाह उत्सव : १९ फरवरी को ब्रज धाम में राधा-कृष्ण विवाह उत्सव की अनोखी छटा देखने को मिलेगी। फुलेरा दूज का दिन प्रेम, सौभाग्य और मंगल कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस तिथि पर बिना विशेष मुहूर्त के भी विवाह जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं, क्योंकि यह दिन स्वयं सिद्ध और कल्याणकारी होता है। राधा और कृष्ण का प्रेम अमर है, इसका न कोई आरंभ है और न कोई अंत। यह भौतिक जगत से परे है और आध्यात्मिक प्रकृति का है। राधा-कृष्ण की कथा में पवित्र बंधन और प्रेम ने ही दोनों को एक साथ जोड़े रखा, न कि विवाह ने,
क्या है फुलेरा दूज ? फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाने वाला यह पर्व ब्रज परंपरा में राधा और कृष्ण के दिव्य विवाह उत्सव के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन उनका प्रेम लोक परंपरा में उत्सव बनकर झलकता है। मंदिरों में फूलों की सजावट, गुलाल और रसिया गायन के बीच यह पर्व भक्ति और आनंद का संगम रचता है। ब्रज परंपरा में होली की रंगभरी प्रेमपूर्ण शुरुआत : ब्रज में होली का पहला रंग भी इसी दिन चढ़ता है। मंदिरों में सबसे पहले भगवान को गुलाल और पुष्प अर्पित किए जाते हैं, फिर भक्त एक-दूसरे पर अबीर उड़ाते हैं। यह परंपरा बताती है कि यहां रंग भी भक्ति का माध्यम हैं।
फुलेरा दूज तिथि
फुलेरा दूज २०२६ इस वर्ष १९फरवरी को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि १८फरवरी को दोपहर ४.५७ बजे आरंभ होकर१९ फरवरी को दोपहर ३: ५८ बजे तक रहेगी। ब्रजभूमि में यह दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि प्रेम और भक्ति का जीवंत उत्सव है। * संपादन : शक्ति : डॉ.अनु शालिनी रेनू प्रीति सज्जा : शक्ति रितु मंजिता स्वाति अनुभूति शक्ति आलेख : ४ / ३ शक्ति नीलम सह : शक्ति प्रिया डॉ. सुनीता सीमा * सत्यम शिवम् सुंदरम शिव ही सत्य है शिव ही सुन्दर है * * दृश्यम : समाचार : अनादि : योगी शिव : कोयंबटूर शक्ति. सीमा मधुप सुनीता ज्योति * शिव का सही अर्थ जाने : अनादि है भोले : भोले , महादेव या शिव के मुख्य पहलू यदि हम जाने अर्थतः शिव का अर्थ है ' वह जो कल्याणकारी है ' या ' जो नहीं है ' ( शून्यता / आदियोगी )। उनके प्रमुख नाम : महाकाल, भोलेनाथ, नीलकंठ, विश्वनाथ, शंभू आदि हैं जिस नाम से उन्हें हम जानते हैं। भोले के परिवार में शिव की पत्नी देवी पार्वती शक्ति और पुत्र गणेश व कार्तिकेय हैं। उनका स्वरूप स्वतः हमें स्मृत है वे गले में वासुकी सर्प, सिर पर गंगा, भस्म ( विभूति ) और त्रिशूल धारण करते हैं। प्रतीकात्मक उनकी पूजा आमतौर पर शिवलिंग के निराकार रूप में की जाती है। महत्व : शिवलिंग के रूप में वे ज्ञान और चेतना का प्रतीक हैं। शिवरात्रि उनका सबसे प्रमुख त्यौहार है, जो अंधकार और अज्ञानता को दूर करने का प्रतीक है। वे आदियोगी हैं, जिन्होंने योग के माध्यम से स्वयं को सृष्टि के साथ एक कर लिया।
महामृत्युंजय मंत्र : वास्तविक अर्थ ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्। महामृत्युंजय मंत्र का हिंदी में अर्थ : ॐ त्र्यम्बकं यजामहे: हम तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं।सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् : जो सुगंधित हैं और संसार का पोषण करने वाले हैं। उर्वारुकमिव बन्धनान्: जिस प्रकार ककड़ी (खरबूजा) अपनी लता के बंधन से पकने पर मुक्त हो जाती है। मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्: उसी तरह, हम भी मृत्यु ( नश्वरता ) से मुक्त हो जाएं, ताकि मैं अमरता ( मोक्ष ) को प्राप्त कर सकूं। प्रमुख ज्योतिर्लिंग : शिवजी के १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं यथा सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओम्कारेश्वर, वैद्यनाथ, भीमाशंकर, रामेश्वर, नागेश्वर, विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, केदारनाथ, और घृष्णेश्वर। शिव का वैदिक अर्थ है - ' कल्याणकारी '। ईश्वर के अतिरिक्त संसार का कल्याण, रक्षा एवं पालन-पोषण करने वाला अन्य कोई नहीं हो सकता। इसलिए यजुर्वेद १६ / ४१ में कहा–" नमः शम्भवाय च शङ्कराय च"
शांति उत्पन्न करने वाले परमेश्वर को नमन करते हैं। 'च' और 'नमः शिवाय' मंगलकारी 'च' और 'शिवतराय नमः'अत्यंत मंगल स्वरूप परमेश्वर को नमन करते हैं और कल्याण को प्राप्त करते हैं।
ईश्वर से उत्पन्न अनादि एवं अविनाशी वैदिक संस्कृति के अनुसार इस संपूर्ण ब्रह्मांड में जो एक पूजनीय देव है- वह निराकार, सृष्टि रचयिता, सर्वव्यापक एवं सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही है। इसके समान अन्य कोई देवता नहीं है। इस विषय में अनेक वैदिक एवं शास्त्रीय प्रमाण हैं जैसे कि ऋग्वेद मंत्र १ /८१ /५ में कहा-
इंद्र कश्चन त्वावान् न जातः न जनिष्यते : अर्थात हे ईश्वर ! तेरे समान न कोई हुआ और न कोई होगा। मंत्र में आगे उपदेश है कि जिसने आकाश, सूर्य आदि सब जगत को रच के रक्षित किया है, जो कण-कण में व्यापक है और जो जन्म तथा मृत्यु से परे है, उस एक परमेश्वर से अधिक कोई अन्य या कुछ और कैसे हो सकता है। अतः इस परमेश्वर की उपासना को छोड़कर अन्य किसी की उपासना ग्रहण मत करो।
हिरण्यगर्भः योगस्य वक्ता : अर्थात ज्योतिस्वरूप परमेश्वर ही योग विद्या का उपदेशक है, अन्य कोई नहीं। ऋषियों, मुनियों ने तो वेदों से ही इस विद्या को सीखकर किया आगे अपने शिष्यों को उपदेश किया, जो आज तक चला आ रहा है। दुख की बात है कि आजकल के तथाकथित योग गुरु आदि इस वैदिक कटु सत्य का प्रचार नहीं करते और स्वयं को योग का गुरु घोषित कर देते हैं। उक्त मंत्र में और पतंजलि ऋषि कृत योग शास्त्र सूत्र २ /२९ में योग विद्या के इन आठ अंगों का उपदेश है-यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि। महाभारत काल तक तो सब कुछ ठीक था और प्रत्येक ऋषि- मुनि, योगी इस ईश्वर से उत्पन्न योग विद्या का परंपरागत अभ्यास करके ईश्वर की उपासना करते हुए शब्द ब्रह्म ( वेद ) और परब्रह्म ( ईश्वर ) को प्राप्त करते रहे, परंतु किसी कारणवश महाभारत युद्ध के पश्चात वेद विद्या का सूर्य अस्त हो गया और मनुष्यों ने वेद विरुद्ध अपनी सुविधानुसार पूजा पाठ के स्वयं अनेक-अनेक रास्ते बना लिए। * * शक्ति आलेख : ४ /४ * शक्ति. नीलम सह : शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता सीमा * सत्यम शिवम् सुंदरम शिव ही सत्य है शिव ही सुन्दर है * महाशिवरात्रि . शिव : शक्ति : एक दैविक प्रेम कहानी * शिव और शक्ति की प्रेम कहानी : ( शिव - पार्वती) आध्यात्मिक प्रेम, तपस्या और ब्रह्मांडीय संतुलन की सर्वोच्च गाथा है, जिसमें शक्ति (पार्वती) अपने अटूट समर्पण से वैरागी शिव को गृहस्थ जीवन की ओर लाती हैं। यह दिव्य संबंध दर्शाता है कि पुरुष ऊर्जा (शिव) और स्त्री ऊर्जा (शक्ति) एक-दूसरे के पूरक हैं, जो अर्धनारीश्वर के रूप में पूर्णता पाते हैं। शिव-शक्ति प्रेम कहानी के मुख्य पहलू : अटूट समर्पण और तपस्या: सती के देह त्याग के बाद, शिव गहरी साधना में लीन हो गए। शक्ति ने पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लिया और शिव को पुनः पाने के लिए हजारों वर्षों की कठोर तपस्या की, जो उनके प्रेम की दृढ़ता को दर्शाता है। सृजन और संहार का मिलन : शिव परिवर्तन और विनाश के प्रतीक हैं, जबकि शक्ति सृजन और पोषण की ऊर्जा हैं। उनका मिलन ही ब्रह्मांड में सामंजस्य स्थापित करता है। प्रेम में अर्धनारीश्वर हो गए शिव : शिव और शक्ति का मिलन इतना गहरा था कि वे 'अर्धनारीश्वर' (आधा पुरुष, आधी स्त्री ) बन गए, जो यह संदेश देता है कि स्त्री और पुरुष ऊर्जा एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। आध्यात्मिक अर्थ: पार्वती का प्रेम आत्म-परिवर्तन का प्रतीक है। पार्वती की कहानी सिखाती है कि कैसे अटूट समर्पण से सर्वोच्च चेतना (शिव) को प्राप्त किया जा सकता है। यह कहानी केवल प्रेम नहीं, बल्कि विश्वास और त्याग की वह नींव है जो जीवन के गहरे पाठ सिखाती है। * स्तंभ संपादन : शक्ति. डॉ.अनु रीता माधवी क्षमा सज्जा : शक्ति. रितु शिवानी सीमा अनुभूति * * स्तंभ संपादन : शक्ति. डॉ.अनु रीता माधवी क्षमा सज्जा : शक्ति. रितु शिवानी सीमा अनुभूति क्रमशः आगे जारी : * ----------- कभी कभी मेरे दिल में ख़्याल आता है : प्यार ; बसंत : ख़्वाब : फ़िल्मी : पृष्ठ : ७ ----------- संपादन शक्ति.शालिनी प्रिया डॉ.अनु सीमा * * डॉ.दीना नाथ वर्मा. फिजिशियन. दृष्टि क्लिनिक किसान बाग. बिहार शरीफ समर्थित ----------- कभी कभी मेरे दिल में ख़्याल आता है : फ़िल्मी : पृष्ठ : ७ ----------- संपादन शक्ति.शालिनी प्रिया डॉ.अनु सीमा * डॉ.दीना नाथ वर्मा. फिजिशियन. दृष्टि क्लिनिक किसान बाग. बिहार शरीफ समर्थित ----------- कभी कभी मेरे दिल में ख़्याल आता है : फ़िल्मी : पृष्ठ : ७ ----------- संपादन शक्ति.शालिनी प्रिया डॉ.अनु सीमा * * डॉ.दीना नाथ वर्मा. फिजिशियन. दृष्टि क्लिनिक किसान बाग. बिहार शरीफ समर्थित ----------- कभी कभी मेरे दिल में ख़्याल आता है : फ़िल्मी : पृष्ठ : ७ ----------- संपादन शक्ति.शालिनी प्रिया डॉ.अनु सीमा * ----------- कभी कभी मेरे दिल में ख़्याल आता है : तराने :मुझे भी कुछ कहना है : पृष्ठ : १२ . संपादन. शक्ति.डॉ.अनु रितु मीना शबनम * नैना : तराने हमको जान से प्यारी है तुम्हारी आँखें साभार : शक्ति मृग नयनी : तराने : * तराने : कोयलिया गाती है पायलियाँ छनकाती है * नदियाँ के पानी ने छुआ कैसे बताऊँ क्या हुआ * * प्यार : घुटन : पहेली : फिल्म : धुंध : शॉट ---------- आपने कहा : चलते चलते : दिल जो न कह सका : पृष्ठ : १४. --------- संपादन शक्ति.डॉ.रजनी राखी प्रिया शालिनी दार्जलिंग डेस्क * रितु : दृश्यम : दिल जो न कह सका ---------- आपने कहा : चलते चलते : दिल जो न कह सका : पृष्ठ : १३. --------- संपादन शक्ति.डॉ.रजनी राखी प्रिया शालिनी दार्जलिंग डेस्क * शक्ति : रितु : दृश्यम : दिल जो न कह सका * क्यों किसी को वफ़ा के बदले वफ़ा नहीं मिलती * पहली मुलाकात भाविकाएँ शक्ति. वाणी लखनऊ * शक्ति.वाणी.लखनऊ * सोचा ना था कभी कोई इस कदर मिल जाएगा जो इतनी खूबसूरती से मुझे मेरा हर रूप में अपनाएगा पहली बार जब सुनी थी मैंने यह आवाज तब मानो अलग सा ही था वो एहसास पहली मुलाकात की बात भी थी बड़ी प्यारी सी उस पल, हवा की खुशबू भी थी अनजानी मगर खूबसूरत सी आपकी बातों ने मेरे दिल को उसे दिन छू ही लिया लगा कि चलो कोई तो मिला जिसने मुझ में अपना अधिकार समझ ही लिया मेरे बिन कहे मुझे इतना समझने वाले शुक्रिया करूं मैं आपका हर बार हमारा साथ हमेशा बना रहे और यूं ही गहरा होता रहे यह प्यार इससे ज्यादा क्या कहूं आगे जब आप हो इंसान उसे रब के आपसे पूरी हुई मेरी हर अरदास क्योंकि आप में है वह कशिश और नूर जो हो ही नहीं सकता था किसी और के पास * संपादन सज्जा : शक्ति भाव्या हर्ष शिवानी रेनू * Shakti.Pooja. Arya.Dr.Rajeev Ranjan. Child Specialist.Biharsharif. Supporting * ⭐ * Shaktis ' Thought * Editor. Shakti. Priya Shalini Seema.Tanu * * Thought Related Photo : Shakti : Seema.* Which is impossible and where it is ? * Which is impossible and where it is ? One who has strong wishes acts upon makes everything possible * Mere silence and alone * Keep working hard dear in mere silence and alone , Let your success make the noise, on and on. * You will be never at this age again. * Just do what makes you happy. You will be never at this age again. * What is easy * Do what is right even when it is not easy * Always face challenges in your life * Facing challenges is an unavoidable part of life that builds resilience, strength, and character * -------- Shakti Editorial Writeups : 4. --------- ---------- Editor. Shakti. Dr.Rakhee Madhup Shalini. Nainital.Bhimtal. * In the context of Lord Krishna's divine love. A Passage by. * Barsane Ki Holi. * * Lathmar Holi : Traditionally celebrated a few days before the main Holi festival, where men from Nandgaon (Krishna's village) visit Barsana and are welcomed with sticks. Songs and Culture : So many popular filmy songs bhajans include Holi Khele Chandni Raat Kanha Barsane Me Aaiye and Barsane Aaye Banwari Holi Khele Radha Pyari. Cultural Significance: It is a major attraction in the Brij region, attracting thousands of visitors to witness the unique cultural festivities. Popular songs and bhajans,often highlight the joyful, festive, and romantic atmosphere of these celebrations Holi, a festival of vibrant colors, is commonly known for symbolizing the triumph of good over evil. However, in the spiritual realm, it holds a deeper significance, particularly in the context of Lord Krishna's divine love. In the Brajbhumi region, encompassing Vrindavan and Barsana, Holi is a celebration of the eternal love between Radha and Krishna. Vrindavan, the birthplace of Krishna, and Barsana, the birthplace of Radha, come alive with the spirit of Holi, commemorating the divine couple's playful and loving interactions. The festival represents the blossoming of divine love, as Krishna's playful pranks and Radha's unwavering devotion converge. The colors of Holi signify the vibrant and all-encompassing nature of their love, inspiring devotees to seek a deeper connection with the divine. * Passage Editing : Shakti Dr Rakhi Renu Manjita Seema Editor * Valentines Week ' is on its way. the most awaited week of Love. Shakti. Shalini Dr.Sunita Shakti* Priya. eternal love with nature and beauty : collage : Nainital : Dr. Sunita Shakti* Priya Bharti . Column Decoration Editing.: Shakti: Renu Madhvee Seema Tanu ⭐
a. 1st Day. 7th of February : The Very First Day of our feeling : Rose Day.
The festival of love begins with a. Rose Day on 7th Feb (Tuesday) has been followed observed by all of us a Rose Day that is indeed much expressing for someone that you care. People were seen buying roses and giving to their beloved ones. A Rose in different colour is one of the most significant tokens of love and passion which you have. Itself defines why it is important and a part of Valentine's week. History of the Rose Day : The story of rose day is believed to be like this, the Greek god whose name was Eros loved his wife Athena the Greek goddess and she loved roses which is why Eros used to give her roses as a symbol of love. It is said that the Victorians started the culture of exchanging roses to communicate unspoken feelings casting in side the heart. They sought a way to reveal their feelings. However, a Red Rose stands being a symbol of love and passion but there are so many other shades as well and every colour stands different in the expression of love. It is believed that giving roses to your loved ones on this special day is the first step of expressing your love. A red rose defines your passion and desires towards the another person. This colour of rose is defined as the epitome ( प्रतीक ) of love, this could be the best day for you to express your feeling and say ‘I love you’ to your loved ones. *
Related Song : Dil Se.
Film : Sharmeeli.1971.
Song : Khilte Hai Gul Yahan.
Valentine Day : Rose Day: . 1st Day.
7th of February : Special Song.
Starring : Shashi Kapoor. Rakhee.
Lyrics : Neeraj. Composer : S.D. Burman Singer
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https://www.youtube.com/watch?v=HBgKPyi1aXA
*
Write Up : Dr.Sunita Shakti* Priya
Decoratives : Shimla Desk.Shakti. Anubhuti Manjita Sushmita Anita.
Song Selection : Shakti Dr. Sunita Seema Shakti* Anita Priya Anubhuti.
*
b. Propose Day on 8th Feb (Wednesday), is followed by Rose day, propose day is celebrated on the second day of Valentine's week to express love and affection to your loved one. In our opinion on this very day propose day should be celebrated in such a way when you should be impressing someone to do something very good, creative and lovable thing. You should be very emotional to each and every one's sentiments including all the community. Significance of propose day : Propose day is a significant day for couples who are in a romantic relationship. It is a day to make their love official by proposing to their partners. ⭐
Film : Aakrman.1975.
Song : Ye Mausam Aya Hai .
Valentine Day : Propose Day: .2nd Day.
8th of February : Special Song.
Starring : Rakesh Roshan . Rekha.
Lyrics : . Composer : Lakshmikant Payrelal Singer : Kishore Kumar Lata.
for watching the song press the given below link.
https://www.youtube.com/watch?v=bh7COOUBWkY
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Decoratives : Shimla Desk.
Shakti. Anubhuti Manjita Swati Shivani..
Song Selection : Shakti. Priya Tanu Seema Shabnam Anubhuti.⭐ 3rd.Day.: 9th of February Celebration among the beloved ones c. the 3rd day of the Valentine week celebrated as a Chocolate Day. c. Chocolate Day has been celebrated in the most - awaited week of the year Valentine Week on 9th Feb (Thursday) 2025. Every year,Chocolate Day is celebrated among the beloved ones in the 3rd day of the Valentine week of February with a lot of passion, love grandeur and pomp all across the world. This week is specially dedicated to love, the power of love and urges people to express their emotions to the ones they love by offering chocolates to one another. People who are in relationships, spend the week with their partners. People who have crush on someone, choose this time of the year to express their feelings to them by sharing the pieces of chocolates. And people, who are single, spend the week with their near and dear ones to feel the togetherness. On this day we add sweetness to our family friends and beloved's life by sharing with them a box of delicious chocolates so that their lives should be sweetened. ⭐ Film : Aan Milo Sajna.1970 Song : Falak Se Tod Kar Dekho Sitare Valentine Day : Propose Day: .3rd Day. 9th of February : Special Song. Starring : Rajesh Khanna. Asha Parekh. Vinod Khanna. Lyricist :- Anand Bakshi Music Laxmikant -Pyarelal Singer : Mohammed Rafi for watching the song press the given below link. Decoratives : Shimla Desk. Shakti. Anubhuti Manjita Sushmita Shivani. Song Selection : Shakti Dr Anu. Renu Shalini Seema ⭐ 4th Day. d.Teddy Day is celebrated on 10th Feb The Cutest Gift for the Children and the Beloved ones. Teddy Day 2025 : Always we love to have a teddy bear with us.If you visit anyone's house you will get this toy there. Really it seems to be the cutest one. When we look into the history the soft toy gets its name from Theodore Teddy ' Roosevelt, the 26th President of the United States. February 10, the fourth day of the Valentine's Week, is celebrated as Teddy Day every year. On this day, people gift teddy bear soft toys to their loved ones. A little teddy bear perfectly embodies the feelings someone's love, warmth, and care. It has also been an ideal gift given for not just a romantic partner but also for children, parents, or anyone you adore. While each day of Valentine's Week has something special to offer, Teddy Day has to be the cutest one. Valentine Day : .4th Day : Teddy Day 10 th of February : Special Song. Film : Chalaak.1973. Song : Dil Ka Nazrana Le O Dildar Le Starring : Radha Saluja. Kiran Kumar. Lyricist - Hasrat Jaipuri Music - Ganesh Singer : Kishore Kumar. Asha Bhosle for watching the song press the given below link. Editing : Dr. Anu Rakhi Shalini.Madhvee. Decoratives : Shimla Desk.Shakti. Anubhuti Manjita Seema Anita. Song Selection : Shakti Dr.Sunita Meena Shabnam Ritu. * 5th Day : Promise Day : Celebrated on 11th of February. Keep your Promises till the last Breathe. write up : Shakti. Dr.Sunita Shakti* Priya. e. Promise Day Then, on 11th Feb I always try to remember my words unchanged forever. What is a promise ? I mean a word which you have to someone exclusively. And I feel that is to be completed if you keep your words for your beloved ones. And in our common life everyone should be honestly sticky to one's words should never stand meaningless. On this day, couples make a promise to each other, so that their relationship will always be strong and no doubts or suspicions can create a place in their relationship. On this day, people promise to love their partners or crushes forever. They also commit to working on their relationship, gift each other sweet tokens of love, and more. You can make this day special by sharing romantic messages with your partner. From the bottom of my heart, I want to make a promise that I will always love you and care for you until my last breath. And whatever I have made a promise to you,I will pray to Almighty to be completed in coming days. * Our Favorites Valentine Day : 5th Day : Promise Day 11 th of February : Special Song. Film :Chetan.1970. Song : Main To Har Mode Par Tujhko Dunga Sada Meri Awaz Ko Dard Ke Saj Ko Tu Sune Na Sune Starring : Anil Dhawan . Rehana Sultan. * Lyricist - Naqsh Layalpuri Music - Sapan Jagmohan. Singer : Mukesh for watching the song press the given below link. Shimla Desk. Decoratives :Shakti. Manjita Swati Anubhuti.Seema Passage Editing : Shakti Dr.Rakhi Shalini Vani Songs Selection : Dr. Anu Renu Rajni Meena * * 7th Day.g. Kiss Day : that surrenders someone to that beloved ones. g. Kiss Day on 13th Feb Kiss Day 2025 : A day before Valentine's Day, people celebrate Kiss Day. It is the seventh day of Valentine's Week and falls on February 13 usually. Usually Kissing is in such a lovable position of someone that surrenders someone to the beloved in ones passion. On this day,people seal their relationship with a kiss or show affection towards their partner. There are different types of kisses, like hand kisses, neck kisses, forehead kisses, French kisses, and more, and each holds significance on Kiss Day. You can make the day extra special by gifting your significant other something they like alongside a sweet message to convey your feelings on Kiss Day. As the Kiss Day, celebrated on February 13th, is a special occasion during Valentine's Week, dedicated to expressing love and affection through kisses to someone who remains very special in someone's life. This day highlights the importance of physical touch in romantic relationships, symbolising intimacy and connection to some extent it is felt that is necessary to us. . * Our Favorites Valentine Day 7th Day.g. Kiss Day : Song Movie: Jhuk Gaya Aasman.1968. Song : Kaun Hai Jo Sapnon Mein Aaya Kaun Hai Jo Dil Mein Samaya Jhuk Gaya Aasman Bhi Ishq Mera Rang Laya O Priya. Starring : Rajendra Kumar. Saira Banu for watching the song press the given below link. * 8th Day : h.Valentine Day 2025 : The Most Awaited Day for the Lovers. h.Valentine Day 2025 and finally there on 14th Feb . Valentine’s Day, is also called as St.Valentine’s Day, holiday (February 14) when lovers express their affection with greetings and gifts to loved ones. Now it has been a very famous day for the romance loving people throughout the world. Given their similarities, it has been suggested that the holiday has origins in the Roman festival of Lupercalia, was held in mid-February. The festival, which was celebrated the coming of spring, included fertility rites and the pairing off of women with men by lottery.
Although there were several Christian martyrs named Valentine, the day may have taken its name from a priest who was martyred about 270 ce. Formal messages, or valentines, were appeared in the 1500s, and by the late 1700s commercially printed cards were being used by the people. The first commercial valentines in the United States were printed in the mid-1800s. Valentines commonly depict Cupid, the Roman god of love, along with hearts, traditionally the seat of emotion. Because it was thought that the avian mating season begins in mid - February, birds also became a symbol of the day. Traditional gifts include candy and flowers, particularly red roses, a symbol of beauty and love. personally I feel to remember the dear ones on this day special and to spend time with them is the best way. The Most Loveable and Dedicated Songs to the Beloved ones. Film : Call Girl.1974. Cast : Vikram, Zaheera. Song : Ulfat Mein Zamane Ki Har Rasm Ko Thukrao. Lyrics by : Naqsh Layalpuri Music : Sapan Jagmohan Singer : Kishore Kumar. for watching the song press the given below link. Write Up : Shakti Priya Dr.Sunita Madhup Decoratives : Shimla Desk.Shakti.Manjita Seema Anubhuti . Song Selection : Shakti Dr.Anu Priya Shalini Renu ------------ News : Photo Gallery English : Page : 5 ------------- Editor.Shakti.Shalini Shahina Farheen Seema. Seeking philosophy of the life around the hills.Himachal : photo : Shakti Anubhuti Madhup Bhool Bhulaiya : Lucknow.Bhool Bhulaiya Gayi Rastan Main To : Collage : Shakti Dr. Rakhi Vani Yogita Anubhuti Shakti. Dr.Rashmi Arya Dr Amardeep Narayan : Nalanda Haddi Center Biharsharif . Supported * --------- Days Special : English : Page : 8. ----------- Editor Shakti Seema Ankita Farheen Shahina * 19th of February. Celebrating Shivaji Jayanti The Great Maratha : Founder of Hind Swaraj. * Tribute to our Soldiers
* Sar Jhuke Bas Us Shahadat Main
Saheed Huye Jo Hamri Hifazat Main. * |



























































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